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जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, Adil Hussaini गिरफ्तार

SHIDDHANT
28 Oct 2025 10:52 PM IST
जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, Adil Hussaini गिरफ्तार
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विदेशी वैज्ञानिकों से जुड़े होने के सबूत मिले
Delhi दिल्ली। राजधानी में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और फर्जी पासपोर्ट रैकेट चलाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सीमापुरी इलाके से झारखंड निवासी आदिल हुसैनी उर्फ सैयद आदिल हुसैन उर्फ मोहम्मद आदिल हुसैन उर्फ नसीमुद्दीन (59 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से कई जाली पासपोर्ट बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए काम करता था और विदेशों में अपने संपर्कों के जरिये संवेदनशील जानकारियां साझा करता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आदिल पिछले कई वर्षों से सीमापुरी में रह रहा था और खुद को दस्तावेज एजेंट बताकर लोगों के पासपोर्ट और वीज़ा से जुड़ा काम करता था। रविवार को स्पेशल सेल ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आदिल न केवल पाकिस्तान को सूचनाएं भेजता था, बल्कि एक फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क भी चला रहा था। उसके पास से एक असली और दो जाली पासपोर्ट की प्रतियां मिली हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आदिल कई बार गल्फ देशों और पाकिस्तान की यात्राएं कर चुका है। पुलिस को शक है कि उसकी मुलाकातें वहां कुछ संदिग्ध विदेशी वैज्ञानिकों से भी हुई हैं। हालांकि इस पहलू पर जांच एजेंसियों ने अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर संख्या 274/2025 दर्ज की है। यह मामला धारा 61(2)/318/338/340 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां जेएमएफसी साहिल मोंगा ने उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

जांच में यह भी पता चला है कि आदिल का भाई अख्तर हुसैनी भी इस नेटवर्क में शामिल है। उसे मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि अख्तर कई बार गल्फ देशों की यात्रा कर चुका है और उसने एक संवेदनशील सरकारी केंद्र के तीन फर्जी आईडी कार्ड बनवाए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि दोनों भाइयों के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, एक कैफे संचालक और कुछ विदेशी एजेंट्स के नाम भी सामने आए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी ने किन लोगों को फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट उपलब्ध कराए हैं तथा इनका इस्तेमाल किन देशों में किया गया। दिल्ली में जासूसी नेटवर्क का यह खुलासा खुफिया एजेंसियों के लिए एक बड़ा अलर्ट साबित हुआ है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस रैकेट से जुड़े हर लिंक की तहकीकात कर रही हैं ताकि विदेशी जासूसी से जुड़े इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
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